World Famous | Biography | Did You Know About KFC Success Story-Colonel Harland Sanders (हिंदी में भी)

Education and Age Does Not Matter for Dreams

Colonel Harland Sanders
 KFC Colonel Harland Sanders
                                                         

This story is of a person who never let the troubles of education, age and life come in the way of his dreams. People retire in 62 years and spend the remaining life in the house comfortably. It is said that the ability of people to decide decreases with age, but this person has completely denied this fact. Yes, we are talking about "Colonel Harland Sanders" of bringing KFC (Kentucky fried chicken) to this world.

Colonel Harland Sanders was born 9 September 1890 in Henryville, Indiana.

The father died at the age of about 5 - 6 years and his mother used to do small jobs in a factory to walk home. Due to which he had to study till the seventh class and after some years his mother got remarried.

Married at the age of 18, which could not last for many years, and his wife divorced and also took the child.

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Nevertheless, his struggle continued, the American Army joined, and from there he was accused of hiding his age. After that he worked as an agent in Insurance and also left from there. After that, he also worked as a fireman in the railways and kept doing many other things, which for some reason or the other he was banished or quit his job.

Then at the age of 40, he opened a chicken fritters restaurant. One day the governor, Ruby Lafon, passed through the same road, he ate chicken dumplings which he liked very much and gave it the name "Kentucky". It also had to close the restaurant due to a fight with someone.

A few days later the restaurant opened again but had to close again due to the Second World War.

Still, Sanders never dared and he went to hotels with chicken fritters and recipe. They were rejected everywhere. He tried 1009 times and a day came when the owner of the hotel agreed to give some share of the profits to his wife and never looked back, always kept moving forward with her age.

In 1935, Governor Ruby Lafone conferred the title "Kentucky Colonel".

By 1964, KFC 600 has been branched out. Sold part of KFC Corporation by investing $ 2 million.

1969 New York Stock Exchange KFC became its name.

By 1971, 3500 branches were purchased by Heublein Industries for $ 285 million.

In 1976, the world's powerful people list got the second place.

In 1982 R.C. J. Reynold bought.

In 1986, PEPSICO bought it for $ 840 million.

Colonel Harland Sanders died at the age of 90 on 16 December 1980 in Louisville, Kentucky.

Today there will be more than 24 thousand branches.

Today, his name is the brand because people buy the company, but no one can ever buy the name, so no one dared to change the name of KFC till date and even today his branch and advertisement have the same photo.

Fact -

Success and failure continue to come in life, but human beings should always strive.

 

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शिक्षा और उम्र कोई महत्त्व नहीं रखता सपनो के लिए

यह कहानी उस व्यक्ति का है जिसने कभी भी अपने सपनो की राह में शिक्षा, उम्र और जिंदगी की परेशानियों को आने नहीं दिया। लोग 62 साल में रिटायर होके घर में बची हुई जिंदगी आराम से बिताते है. कहते है कि लोगो का निर्णय लेने की क्षमता उम्र के हिसाब से घटते जाती है लेकिन इस बात को इस व्यक्ति ने पूरी तरह से झूट ला दिया. जी हाँ हम बात कर रहे है केएफसी (KFC केंटकीय फ़्राईड चिकेन) को इस दुनिया में लाने वाले की कर्नल हरलैंड सांडर्स.

कर्नल हरलैंड सांडर्स का जन्म 9 सितम्बर 1890, में हेनरीविले, इंडियाना में हुआ.

लगभग 5 - 6 वर्ष की आयु में पिता जी का देहांत हो गया और उसकी माँ घर चलने के लिए कोई फैक्ट्री में छोटा मोटा काम करती थी. जिसके कारण उसने सातवीं क्लास तक पढ़ाई करना पड़ा और कुछ वर्षो बाद उसकी माँ ने दूसरी शादी कर ली. फिर घर को उसने हमेशा के लिए छोड़ दिया.

18 साल के उम्र में शादी कर लिया जो ज्यादा साल तक चल नहीं पाया और उसकी पत्नी ने तलाक दे दिया साथ में बच्ची को भी ले चली गई.

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फिर भी उनका संघर्ष जारी रहा अमेरिकन आर्मी ज्वाइन किया वहां से भी उसे निकल दिए उम्र छिपाने का आरोप लगा. उसके बाद इन्सुरन्स में एजेंट के रूप में काम किया वहां से भी निकल दिए. उसके बाद रेलवे में फायरमैन बनके मजदूरी भी किया और भी बहुत कुछ काम करते रहे जो किसी न किसी कारण से भगा दिए जाते या खुद नौकरी छोड़ देते थे.

फिर लगभग 40 वर्ष की उम्र में चिकन पकौड़ा का रेस्टोरेंट खोला. एक दिन गवर्नर रूबी लफोन उसी रस्ते से गुजर रहे तो उसने चिकन पकौड़ा खाया जो उसे बहुत ही पसंद आया और उसने नाम दे दिया "केंटकीय".

यह भी रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा किसी से झगड़ा होने के कारण.

कुछ दिनों बाद फिर से रेस्टोरेंट खोला लेकिन दूसरे विश्व युद्ध के कारण फिर से बंद करना पड़ा.

फिर भी सांडर्स की हिम्मत कभी नहीं टुटा और वो चिकेन का पकौड़ा और रेसिपी ले के होटलो में जाते रहे. सभी जगह वो रिजेक्ट होते गए. उसने 1009 बार प्रयास किया और एक दिन आया जब होटल के मालिक मान गए उनकी सर्त को मुनाफे का कुछ हिस्सा देने के लिए और कभी पीछे मुड़ कभी नहीं देखा हमेशा आगे बढ़ते गए अपने उम्र के साथ.

1935 में गवर्नर केंटकीय रूबी लफोन ने "केंटकीय कर्नल" उपाधि दिया.

1964 तक केएफसी 600 ब्राँच हो गए केएफसी (KFC) कार्पोरेशन का हिस्सा 2 मिलियन डॉलर निवेश कर बेच दिए.

1969 न्यूयोर्क स्टॉक एक्सचेंज केएफसी (KFC) का नाम गुजने लगा.

1971 तक 3500 ब्रांच हो गया जिसे हुबलियन इंडस्ट्रीज ने 285 मिलियन डॉलर में खरीद लिया.

1976 में दुनिया के पावरफुल लोगो की सूची दूसरे नंबर स्थान मिला.

1982 में आर. जे. रेनॉल्ड ने खरीद लिया.

1986 में पेप्सिको ने 840 मिलियन डॉलर में खरीद लिया.

कर्नल हरलैंड सांडर्स की मृत्यु 90 वर्ष की उम्र में 16 दिसम्बर 1980 में लुइसविले, केंटकी हो गया.

आज लगभग 24 हजार से भी ज्यादा ब्रांच होगा.

आज उनका नाम ही ब्रांड है क्योकि कंपनी को तो लोग खरीद लेते है लेकिन नाम  कभी कोई ख़रीदा नहीं जा सकता इसीलिए किसी की हिम्मत नहीं हुई आज तक केएफसी का नाम बदलने का और आज भी उनके ब्रांच व विज्ञापन में उन्ही फोटो लगा होता है.

तथ्य -

सफलता और असफलता जिंदगी में आना जाना लगा रहता लेकिन मनुष्य को हमेशा प्रयाश करते रहना चाहिए.


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