His Story | Do You Know Any Billionaire Barber Or Does The Owner of a Company Work as a Barber... Ramesh Babu (हिंदी में भी)

From Barber To Billionaire

Trouble cannot beat anyone, the person should not want to lose and time supports only those who do not give up. The journey of thinking possibilities that leads to success through courage. An example of which is a barber who has come to the point of becoming a billionaire with his hard work and determination.

Those named Ramesh Babu (Barber) and the owner of “Ramesh Tours and Travels Pvt. Ltd”.

Ramesh Babu was born in Anant Puram, Bangalore (Karnataka), India.

His father died at the age of 7, who used to run a barber shop near Chinnaswamy Stadium (Bangalore).

After the father's passing, the financial condition of the house was getting worse. His mother started cooking food in the homes of others, along with Ramesh Babu used to leave newspaper and milk in people's homes in the morning, which would fetch 1.3 Doller (100 Rupees INR.) for the month.

His father gave the shop to the other at the rate of 0.06 Doller (5 Rupees INR.) per month.

He completed Diploma in Electronics after 12th.

Then he thought of running his father's shop again and built the shop in a very modern way and slowly started running very well.

In the year 1993, he bought a Maruti van, he did not drive himself, due to which the van used to stay at home. One day his aunt advised to give the van for rent which he agreed and this business started running very well. But he did not leave his father's work, went on doing it together.

From the year 1994 to 2004, he bought around 8 - 9 more cars. He kept paying much attention to his driver's behavior and his comfort as well as that of his customer.

In the year 2004, he took a loan from the bank to buy 60000 Dollars approx. (42 Lakhs INR.) Mercedes Benz. Today they have a convoy of about 350 to 400 luxury cars. In which there are Mercedes, Audi, BMW, Jaguar, Mustang etc. and give rent to everyone, if you want to rent the car yourself, without the driver then that facility is also available.

The year 2011, he proved the milestone of 460000 Doller approx. (3.5 Crore INR.) of Rolls Royce purchases, whose rent was 660 Dollars approx. (50 Thousand INR.) a day.

Even today Ramesh Babu is very simple and comfortable, so his first car and driver is with him. Every day, 8 to 10 and 4 to 7 in the evening take care of their hairdresser.

Only 1.9 Doller (150 Rupees INR.) per customers charge and work on their own. They say that man should not forget his early days and works because at that moment there is a feeling of pride.

He has great clients from India and he also went to Singapore and Germany to do a barber's modern course.

Fact

Whoever worked with hard work, honesty and determination has turned dreams into reality. Whose example is Ramesh Babu.

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नाई से लेकर अरबपति तक

rolls Royce
Sapano Ki Car 

तकलीफ किसी को हरा नहीं सकती, व्यक्ति में हारने की चाह नहीं होनी चाहिए और समय उन्ही का साथ देती है जो हार नहीं मानता हो. सोच सम्भावनाओ का वह सफर जो हौसलो से हो कर सफलता तक पहुंच जाता है. जिसका उदाहरण है एक ऐसा नाई जो अपनी कड़ी मेहनत और दृढ़संकल्प से अरबपति बनाने का सफर तय किया है.

जिनका नाम है रमेश बाबू (नाई) और “रमेश टूर एंड ट्रावेल्स का मालिक” है.

रमेश बाबू का जन्म अनन्त पुरम, बैंगलोर (कर्नाटक), इंडिया में हुआ.

7 साल के उम्र इनके पिता का आकस्मिक निधन हो गया, जो चिन्नास्वामी स्टेडियम (बैंगलोर) के पास नाई की दुकान चलते थे.

पिता के गुजरने के बाद घर की आर्थिक स्थिति ख़राब होते जा रही थी. उसकी माँ दूसरो के घर में खाना बनाने का करने लगे, साथ ही रमेश बाबू सुबह लोगो के घरो में न्यूज़ पेपर और दूध छोड़ने का काम करते थे, जिससे महीने का 100 रुपया (1.3 Doller) मिल जाया करता था.

अपने पिता जी का दुकान 5 रुपया (0.06 Doller) प्रति महीने के दर से किराया में दूसरे को दे दिया था.

उन्होंने 12 वी के बाद डिप्लोमा इलेक्ट्रॉनिक्स में पूरा किया।

फिर उन्होंने अपने पिता का दुकान फिर चलने का सोचा और दुकान को बहुत मॉडर्न तरीको से बनाया और धीरे - धीरे बहुत अच्छे से चलने लगा.

वर्ष 1993 में उन्होंने एक मारुति वैन ख़रीदा वो खुद नहीं चलते थे जिससे वैन घर में ही रहता था. एक दिन उसके आंटी ने सलाह दी की वैन को किराया में देने की जिसे वे मान गए और यह व्यापार बहुत अच्छे चलने लगा. लेकिन उसने अपने पिता का काम नहीं छोड़ा साथ - साथ करते गए.

वर्ष 1994 से 2004 तक उसने लगभग 8 - 9 और कार खरीद लिए. वे अपने ड्राइवर के व्यवहार और उनके सुख - सुविधा में बहुत ध्यान देते रहे साथ ही अपने ग्राहक का भी.

वर्ष 2004 में उन्होंने बैंक से लोन ले के 42 लाख (60000 Doller Approx) मर्सिडीज बेंज खरीद। आज उनके पास लगभग 350 से 400 लक्सेरी कारो का काफिला है. जिसमे मर्सिडीज, ऑडी, बी एम डब्लू, जगवार, मस्टैंग इत्यादि है और सभी को किराया देते है अगर आप कार खुद किराया पे लेना चाहते है बिना ड्राइवर के तो वो सुविधा भी उपलब्ध है.

वर्ष 2011 उन्होंने मील का पत्थर साबित कर दिया रोल्स रॉयस खरीद के 3.5 करोड़ (460000 Doller approx.) जिसका किराया 50 हजार रुपया (660 Dollars approx.) एक दिन का.

आज भी रमेश बाबू बहुत सरल और सहज है इसीलिए अपनी पहली कार और ड्राइवर उनके साथ है. रोज सुबह 8 से 10 और शाम 4 से 7 अपनी दुकान नाई सम्भालते है.

ग्राहकों से मात्र 150 रुपया (1.9 Doller) ही चार्ज करते और खुद काम करते है. वे कहते है कि आदमी अपनी शुरुवाती दिनों और कामो नहीं भूलना चाहिए क्योकि उस पल साथ गर्व का अहसास होता है.

उनके भारत के बड़े - बड़े प्रसिद्ध लोग ग्राहक है और वे नाई का मॉडर्न कोर्स करने सिंगापुर और जर्मनी भी गए.

तथ्य

जिसने भी कड़ी मेहनत, ईमानदारी और दृढ़ संकल्प से काम किया वो सपनो को हक्कीत में बदल दिया है. जिसका उदहारण रमेश बाबू है.


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