Faith | Mother's Love After Many Years - Do You Know Saroo Brierley Childhood Story (हिंदी में भी)

Power of Fate and Belief

As a child, children used to play train toys, but such an incident happened in a train with a child, the

saroo Briarly- India- Australia
Saroo Brierley
life was completely disturbed. But due to the faith and faith of this child, he found the one that was lost years ago.

The child of a poor family, who was 5 years old, used to go with his mother and brother and sister to clean the cargo train, which was their means of livelihood.

One day that child was cleaning the cargo train with his brother, due to his brother's sudden work, he went away for a while and he was cleaning it alone. He got very tired while cleaning. He took some rest in the coach and slept in the box (coach). Suddenly the train started moving and the child slept. When awake after some time, he reached Kolkata which was a 14-hour journey from the child's house.

He left crying loudly, then the people nearby called the police and handed him over and the police took him to paper and left him in the orphanage.

Then after a few days, he was adopted by an Australian couple and took him to Australia.

After about 25 years, that child wanted to know the address of his childhood home. Then he slowly started remembering and together started calculating the timing, speed and route of the train. At the same time, a friend of his told that why you can’t search the location of your house and old identity like temple, mosque, road, square etc. through Google Earth.

And after a few days of hard work and faith, he got a chance to meet his childhood home, the streets and his family after almost 25 years.

That's why even today people would say with great faith and confidence that "there is a delay in God's house, not darkness"

That child is named Saroo Brierley, who was lost at the age of 5 from Khandwa, Madhya Pradesh, India. Which was adopted by Australian couple Sue Briarley, mother and father John Briarley. His birth mother is Fatima Munshi.

In his story, a film has also been made in the name of Lion.

There is a lot of example of faith and belief in the world, who has controlled patience and courage in it, he can also make every impossible possible.

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भाग्य और विश्वास की शक्ति

बचपन में बच्चे रेलगाड़ी के खिलौने खेला करते है, लेकिन एक बच्चे के साथ रेलगाड़ी में ऐसा घटना घटी की जिंदगी को पुरा उथल पुथल कर दिया. लेकिन इस बच्चे के आस्था और विश्वास के कारण उन्होंने वो ढूंढ ही लिया जो वर्षो पहले खोया था.

एक गरीब परिवार का बच्चा जिसका उम्र 5 वर्ष का था, वह अपनी माँ और भाई और बहन के साथ मालवाहक रेलगाड़ी का डिब्बा साफ करने जाया करता था, जो उनके आजीविका का साधन था.

एक दिन वो बच्चा अपने भाई के साथ मालवाहक रेलगाड़ी का डिब्बा साफ कर रहा था, उसके भाई को अचानक काम आजाने के कारण वह थोड़ी देर के लिए चला गया और वह अकेले साफ कर रहा था. साफ करते करते वह बहुत थक गया. डिब्बा (कोच) में थोड़ा आराम करने लगा और सो गया. अचानक रेलगाड़ी चलने लग गया और वह बच्चा सोया रहा. जब कुछ देर बाद नींद से जागा तो वह कोलकाता पहुंच गया था जो बच्चे के घर से 14 घंटो का सफर था.

वह बचा जोर जोर से चिल्ला के रोने लगा फिर आस पास के लोगो नो पुलिस को बुला के उसे सौंप दिया और पुलिस ने उसे काग़जाति कर के अनाथआश्रम में छोड़ दिया.

फिर कुछ दिन रहने के बाद उसे ऑस्ट्रिलयन दम्पति के गोद ले लिया व उसे ले के ऑस्ट्रेलिया आ गए.

लगभग 25 वर्षो बाद उस बच्चे ने अपने बचपन के घर का पता जानने की इक्छा हुई. फिर वह धीरे धीरे याद करते गया और साथ में रेलगाड़ी का टाइमिंग, गति और रूट की गणना चालू कर दिया. इसी समय उसके एक दोस्त ने बताया की क्यों न तुम गूगल अर्थ के माध्यम से अपनी घर को का लोकेशन और पुरानी पहचान जैसे मंदिर, मस्जिद,सड़क, चौक इत्यादि को खोज सकते हो.

और कुछ दिनों के कड़ी मेहनत व विश्वास के बाद उससे अपनी बचपन की घर, गलियों और अपने परिवार से मिलने का मौका मिल गया लगभग 25 वर्षो बाद.

इसीलिए लोग आज भी बड़ी आस्था और यकीन से कहते कि "भगवान के घर में देर है, अंधेर नहीं"

उस बच्चे नाम सरु ब्रियरली है जो खंडवा, मध्यप्रदेश, भारत से 5 वर्ष की आयु में खो गया था. जिसे ऑस्ट्रेलियन दम्पति सूए ब्रियरली माँ और पिता जान ब्रियरली गोद लिया। उनकी जन्म देने वाली माँ फातिमा मुंशी है.

उनकी इस कहानी पे में फिल्म भी बना है लायन के नाम से.

दुनिया में आस्था और विश्वास की बहुत ही उदाहरण है, जो इसमें धैर्य और साहस पर नियंत्रण कर लिया हो वो हर असंभव को भी संभव बना सकता है. 


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