Childhood Story | Best Story of King Akbar & Cleverness Birbal (हिंदी में भी)


You people must have heard the story about the cleverness of Birbal after consulting King Akbar and his chief.

khichadiWhen a man spit the palace of King Akbar, someone else told it to the king. Then King Akbarcalled a meeting and punished the man that you will stand in the cold water of the pond all night. Now, who can avoid the king's words, the man accepted the punishment and he stood under water in the pond all night.

In the morning the man said to Akbar, I have completed the punishment given by you. Then Akbar said that you will be punished again tonight, the man said, Maharaj, the punishment was for one day and then it was done. Akbar said that you have betrayed us and said that you were standing in the water all night, but who in our palace, after having lit the lamps and torches in the night and their heat, they automatically kept themselves from the cold of the water. Whom you enjoyed the night easily while decorating. The man said that Maharaj diyas (Clay lamp) and the torch (Old Big Fire Stick) was far away, which was visible with great difficulty and again took punishment by saying that.

After some time King Akbar and his advisor Birbal along with some soldiers went towards the forest on hunting. In the afternoon, Akbar started feeling very hungry. Then asked Birbal to make khichdi (Cereal Meals) for us, Birbal said, Maharaj and he arranged the things needed.

Akbar said for a very long time, Birbal and how much time will be made, Birbal said that it will take more time. Then after some time, he felt angry that Khichdi is made very quickly, then why did not Akbar feel like taking so much time, and where he was resting, he left the place where Khichdi (Cereal Meals) was being made. Then Akbar saw and said loudly to Birbal how such a khichdi will be made, you have put the fire down and the pot very high. The distance between the fire and the pot is so much that the heat of the fire is not reaching that vessel (khichdi). Then Birbal smilingly said to Akbar, Maharaj, the person whom you have sentenced yourself was also in a similar situation, the man was far away from the  diyas (Clay lamp) and the torch (Old Big Fire Stick), as if khichdi is cooking for you.

Ethics - "A successful person succeeds only when his advisor gives the right advice"
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आप लोगो ने राजा अकबर और उनके प्रमुख सलाह कर बीरबल की चतुराई के बारे में कहानी सुनी होगी.

एक आदमी राजा अकबर के महल थूंक दिया तो और किसी ने राजा को यह बता दिया. फिर राजा अकबर ने सभा बुला के उस आदमी को सजा दिया कि तुम रात भर तालाब के ठंडे पानी में खड़े रहोगे. अब राजा की बात को भला कौन टाल सकता है, उस आदमी ने सजा को मान लिया और वह रात भर तालाब में पानी के अंदर खड़ा रहा.

सुबह उस आदमी ने अकबर को कहा महराज आप ने जो सजा दी वह मैं पूरा कर लिया. तब अकबर ने कहा की तुम फिर से वही आज रात को सजा काटोगे उस आदमी ने कहा महाराज सजा तो एक दिन के लिए थी जो पूरा कर लिया. अकबर ने बोला तुमने हमको धोखा दिया है और बोला कि तुमने रात भर पानी में तो खड़े थे, लेकिन जो हमारे महल में रात में जलने वाले दीये और मशाल की रोशनी और उनके गर्मी पाकर अपने आप पानी की ठंडी से बचते रहे. रात भर जिसे तुम बड़ी आसानी मजा करते हुए सजा काट लिए. उस आदमी ने बोला महाराज दीये और मशाल तो बहुत दूर था, जो बड़ी मुश्किल से दिखाई दे रहा था यह कह कर फिर से सजा मान लिया.

फिर कुछ देर बाद राजा अकबर और उनके सलाहकार बीरबल कुछ सैनिकों के साथ शिकार पर जंगल की ओर गए. दोपहर में अकबर को बहुत जोर से भूख लगने लगा. तब बीरबल को कहा कि हमारे लिए खिचड़ी बनायी जाये, बीरबल बोला जी महाराज और उसने जरुरत की चीजे व्यवस्था किया.

बहुत देर बात अकबर बोला बीरबल और कितना समय लगेगा बनने तो बीरबल ने कहा अभी और समय लगेगा. फिर कुछ समय बीतने के बाद ग़ुस्सा हो के बोला खिचडी तो बहुत जल्दी बन जाता है  फिर इतना समय क्यों लग रहा अकबर से रहा नहीं गया और जहाँ आराम कर रहे थे, उस जगह को छोड़ कर जहां खिचड़ी बन रहा था वहा पहुंच गए. फिर अकबर ने देखा और बीरबल को जोर से बोला ऐसा कैसे खिचड़ी बनेगा तुमने आग नीचे और बर्तन को बहुत ऊपर रख दिए हो. आग और बर्तन की दूरी इतनी ज्यादा है कि आग की गर्मी उस बर्तन (खिचड़ी) तक पहुंच ही नहीं रहा. फिर बीरबल मुस्कुराते हुए अकबर से कहा महाराज जिस आदमी को अपने आप ने सजा सुनाई है उनका भी स्थिति ऐसी ही थी, वो आदमी दीये और मशाल से बहुत दूर था, जैसे की आपके लिए खिचड़ी पक रही है.

नैतिक शिक्षा “एक सफल इंसान सफल तभी होता है, जब उनके सलाहकार सही सलाह दे”

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